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प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? इसके प्रकार और प्रयोग - techconnection

 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? इसके प्रकार और प्रयोग





दोस्तों स्वागत है हमारे तकनीकी ब्लॉग 'techconnection' में. कम्प्यूटर के अविष्कार ने जिस तरह से दुनिया पर अपना असर दिखाया है वो काफी चौकाने वाला है और साथ ही सराहनीय है. आज कम्प्यूटर का प्रयोग लगभग हर जगह किया जा रहा है चाहे वह स्कूल/कॉलेज, अस्पताल हो या रेलवे स्टेशन. क्या आपने कभी सोचा है कि जब पहली बार कम्प्यूटर बनाया गया होगा तो यह किस आधार पर काम करता होगा या फिर आज भी कम्प्यूटर हमारे दिए गए आदेश को किस आधार पर execute करता है. 

जिस तरह से हम मनुष्यों के लिए भाषा एक वरदान के समान है, क्योंकि ये मनुष्यों के बीच संवाद का एक माध्यम है, उसी प्रकार कम्प्यूटर भी एक खास तरह के भाषा को समझता है. कम्प्यूटर की दुनिया में इसे machine language kahte hai. कम्प्यूटर सामान्य हिंदी, अंग्रेजी या फिर अन्य किसी भाषा को नहीं समझ सकता. Machine language केवल दो character 0 और 1 को मिलाकर बनता है. आज हम तरह तरह के सॉफ्टवेयर, एप्प, और वेबसाइट का प्रयोग करते है, जो दिखने में हिंदी या अंग्रेजी या किसी अन्य भाषा में होते हैं. इन्हें बनाने मेंं एक खास तरह के मानव निर्मित 'कम्प्यूटर की भाषा' का प्रयोग किया जाता है जिसे 'programming language kaha jata hai'. 

आज एक या दो नहीं बल्कि कई सारे 'प्रोग्रामिंग भाषा' उपलब्ध है जिनमें से प्रमुख नाम c, c++, python, javascript, PHP का है. प्रोग्रामिंग भाषा की विशेषता की बात करें तो आप इन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का प्रयोग कर किसी भी साधारण या पेचीदा एप्प, वेबसाइट और सॉफ्टवेयर को तैयार कर सकते हैं. 

इस आर्टिकल में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के सभी मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई है. जैसे कि 'प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होती है', 'प्रोग्रामिंग भाषा का परिचय', 'प्रोग्रामिंग क्या है', 'प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार', 'programming language kaise sikhe in hindi', इत्यादि. इसलिए यदि आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें. 

तो चलिए बिना किसी विलंब के इस पोस्ट की शुरुआत करते हैं. 



यह भी पढ़ें 


प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? 

(Programming language kya hai in hindi) 


यदि साधारण तरीके से 'प्रोग्रामिंग भाषा का परिचय' दिया जाए तो यह एक मानव निर्मित भाषा है जो मानव द्वारा दिए गए कम्प्यूटर को किसी भी instruction को execute करने में मदद करता है. कम्प्यूटर का अपना कोई मस्तिष्क नहीं होता इसलिए हम मनुष्यों को उन्हें समझाने के लिए कि उन्हें क्या करना है, उन्हीं की भाषा में हमें अपने आदेशों को देना होता है, इस भाषा को प्रोग्रामिंग भाषा कहते हैं. 

उन आदेशों के समूह को जो कम्प्यूटर को बताते हैं कि उन्हें क्या करना है, उसे प्रोग्राम कहते हैं और किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए आदेश (instruction) को सोर्स कोड कहा जाता है. 

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का प्रयोग मुख्य रुप से कम्प्यूटर के साथ ही किया जाता है. अब तक हम जान चुके हैं कि कम्प्यूटर केवल machine language को ही समझ सकता है और अन्य किसी भाषा को नहीं. इसलिए हम कम्प्यूटर को जो भी आदेश देते हैं सबसे पहले वह compiler के पास जाता है और उस आदेश को machine language में बदलता और फिर उसे समझता है. 

प्रोग्रामिंग भाषा विकिपीडिया के अनुसार अब तक कुल 2500 से भी ज्यादा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का निर्माण हो चुका है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतने सारे प्रोग्रामिंग भाषा क्यूं. चलिए इनके बारे में विस्तार में जानते हैं कि आखिर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इतिहास कैसा है? 

Machine language में जिस तरह से केवल दो character 0 और 1का प्रयोग कर के कम्प्यूटर को instruction दिया जाता है, लेकिन कालांतर में बहुत सारे कम्प्यूटर प्रोग्रामर्स को इस मशीन भाषा को समझने में दिक्कत आने लगी और उन्हें सही सोर्स कोड के बारे में पता नहीं लग पाता था. फिर प्रोग्रामर्स ने मिलकर एक साधारण प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का विकास किया जिसे असेम्बली लैंग्वेज के नाम से जाना जाता है. 

असेम्बली लैंग्वेज के विकास के बाद फिर से यह समस्या सामने आने लगी की कम्प्यूटर अब असेम्बली लैंग्वेज के instruction को भी नहीं समझ पा रहे थे. प्रोग्रामर्स ने इसके बाद एक खास तरह के प्रोग्राम assemblers का विकास किया जिसकी मदद से कम्प्यूटर को दिए गए किसी भी instruction को वह अपने machine language में बदल दिया जाता था और वह कम्प्यूटर को समझ में आ जाता था. 

असेम्बली लैंग्वेज में भी दिक्कत के बाद अब high level programming language का विकास किया गया जिसके बारे में नीचे 'प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार' अंक में बताया गया है. 


प्रोग्रामिंग भाषा के प्रकार

(Types of programming language in hindi) 


प्रोग्रामिंग भाषा के प्रकार या फिर प्रोग्रामिंग भाषा के वर्गीकरण के बारे में बात करें तो अब तक हमने तीन भाषाओं के बारे जिक्र किया है. जिनमें से दो - मशीन लैंग्वेज और असेंबली लैंग्वेज के बारे में उपर चर्चा की. चलिए अब हम उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (high level programming language) के बारे में बात करें. 

  • मशीन लैंग्वेज :- मुख्य रुप से 0 और 1 के कॉम्बिनेशन से बना यह लैंग्वेज कम्प्यूटर को किसी भी आदेश को देने के लिए प्रयोग किया जाता है. 
  • असेम्बली लैंग्वेज :- कम्प्यूटर को दिए गए आदेश को सबसे पहले एक स्पेशल प्रोग्राम assembler के जरिए मशीन लैंग्वेज में बदलाव के बाद उस आदेश पर प्रतिक्रिया दिखाता है.
  • उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज :- असेंबली लैंग्वेज के बाद और भी साधारण प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के विकास में इस high level programming language का विकास हुआ. 

उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में भी आगे वर्गीकरण किए गए हैं जो नीचे बताएं गए हैं. 

1. डाटाबेस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज :- इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का प्रयोग डाटा स्टोरिंग, retrieving information जैसे नाम, पता, फोन, इत्यादि के लिए प्रयोग किया जाता है. C++, Basic और Pascal इसमें प्रमुख नाम है. 

2. स्क्रिप्टिंग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज :- यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आपको किसी भी word processor या spreadsheet में बदलाव करने की अनुमति देती है. इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की विशेषता है कि यह किसी भी अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे C++ से सीखने में ज्यादा आसान होते हैं. 
आप इसमें जल्द लैंग्वेज सिख कर प्रोग्रामिंग कर सकते हैं. 
Applescript, PHP, visual basic for application इस कैटिगरी में प्रमुख नाम हैं. 

3. वेब पेज प्रोग्रामिंग लैंग्वेज :- इस programming language in computer का प्रयोग किसी भी वेबसाइट के डिजाइनिंग और बिल्डिंग के लिए किया जाता है. आज तरह तरह के विडियो गेम्स को हम खेलते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें किस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रयोग से बनाया गया है. Python वो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जो 'programming language for game development' और 'programming language used in google' दोनों में प्रयोग किया जा रहा है. 

HTML, javascript, java वेब पेज प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में प्रमुख नाम है. 


4. Rapid Application Development programming language :- इसका प्रयोग उन दिनों में किया जाता था जब कम्प्यूटर स्क्रीन पर केवल text होते थें और उसपर button या कर्सर कुछ नहीं होते थें. 
इसमें प्रमुख नाम visual basic, real basic, delphi और kylix का है. 


प्रोग्रामिंग क्या है? 

(What is programming in hindi) 


दोस्तों, अब तक हमने जाना कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार और उनका वर्गीकरण. अब हम प्रोग्रामिंग की बात करेंगे कि आखिर प्रोग्रामिंग क्या है? 



यदि प्रोग्रामिंग की परिभाषा की बात करें तो यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम किसी भी कम्प्यूटर को एक खास प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जरिए किसी instruction को पूरा करने के लिए कहते हैं. 

आज कल हर एक स्कूल/कॉलेज में कम्प्यूटर विषय में प्रोग्रामिंग सिखाई जा रही है, इस तकनीक की बढ़ती दुनिया में कम्प्यूटर प्रोग्रामर्स की डिमांड भी बढ़ती जा रही है. 

वर्तमान के साथ-साथ आने वाले समय में प्रोग्रामिंग करने की क्षमता एक सुनहरा कैरियर विकल्प साबित हो सकती है. जैसे आज programming language kotlin के प्रयोग से कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग विशेषज्ञ किसी भी एप्प को तैयार कर सकते हैं. 


कौन-सा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखें? 

(Which programming language to learn) 


दोस्तों अगर आप सोच रहे हैं कि कौन सा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखने के लिए सबसे बेहतरीन है तो ऐसी कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की विशेषता अलग अलग है. अगर आप प्रोग्रामिंग सिखना चाहते हैं तो आपको कम से कम एक उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जरुर सिखना चाहिए. 

High level programming language में C++ का नाम सबसे लोकप्रिय है और इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में विशेषज्ञ प्रोग्रामर की डिमांड काफी है. 

किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सिखने के लिए चुनाव आपके जरुरत पर निर्भर करता है.

यदि आप किसी भी कंपनी के लिए काम करना चाहते हैं तो आप डेटाबेस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का चुनाव कर सकते हैं. इसके लिए आप Basic, Pascal और SQL जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का चुनाव कर सकते हैं. 

वैसे ही यदि आप वेबसाइट/एप्प डिजाइनिंग करना चाहते हैं तो आपको HTML के साथ-साथ javascript, java और python पर भी अच्छी पकड़ होनी चाहिए. 


प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहाँ से सिखे

(Programming language kaise sikhe in hindi) 


प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखना अब पहले की अपेक्षा ज्यादा सरल हो गया है. इंटरनेट पर आपको बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे प्रोग्रामिंग सिखाते हैं. इन्हीं वेबसाइट की सूची में w3school का नाम काफी लोकप्रिय है. 

इस वेबसाइट के अलावा कुछ paid courses भी आपको unacademy और udemy जैसी प्लेटफॉर्म पर मिल जाएंगी. 
इसके बाद आपको यूट्यूब पर भी काफी ऐसे चैनल्स है जो फ्री में कोडिंग और प्रोग्रामिंग का विडियो अपने पाठकों के लिए उपलब्ध कराते हैं. 

मुझे उम्मीद है कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से जुड़ी ये जानकारी आप समझ चुके होंगे. 

Conclusion. 


तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने बड़ी ही महत्वपूर्ण टॉपिक 'प्रोग्रामिंग लैंग्वेज' के बारे में चर्चा की. इस तकनीक की दौड़ में हमें भी समय के साथ इसके अनुरूप ढ़लने की आवश्यकता है. कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में जानकारी हमारे सुनहरे भविष्य के लिए बेहद जरूरी है. अब तो whitehat jr.  प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों को कोडिंग और प्रोग्रामिंग की अच्छी शिक्षा दी जा रही है. Whitehatjr. द्वारा की गई यह पहल वाकई में सराहनीय है. 

हमने इस पोस्ट में भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में विस्तार में बताने की कोशिश की है. हमने चर्चा किया कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होती है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का परिचय, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार और उनका वर्गीकरण, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की विशेषता, कौन सा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखा जाए और कहां से सिखा जाए, इत्यादि. 
यदि फिर भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से जुड़े कोई भी सवाल आपके मन में हो तो आप कमेंट कर के हमें जरूर बताएं. Techconnection आपके हर एक सवाल का जवाब बिना विलंब के देने की कोशिश करेगा. 

अगर आप आगे भी ऐसे ही जानकारी भरे ब्लॉग पोस्ट पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारे ब्लॉग techconnection से जुड़े रहें और साथ ही हमारे सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी जरुर जुड़े. 

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